Skip to main content

शनिवार की संध्या

सजी है चौपड़ आस लगाए
कई धुरंधर अभी ना आए
चीयर्स का समय निकला जाई
शनिवार की संध्या गदरायी

प्याले छलकें छल- छल छल- छल
जिसमें लहरें निर्मल- निर्मल
देख- देख आंखें हरसाई
शनिवार की संध्या गदरायी

एसी की ठंड भी अगन लगाए
क्रिकेट ,सीरियल रास ना आए
आ जाओ अब जूम हताई
शनिवार की संध्या गदरायी

ये नहीं आए ,वो नहीं आए
काश कयामत ही आ जाए
ओ मेरे भाई तेरी दुहाई
शनिवार की संध्या गदरायी

Comments