एक नन्हा फरिश्ता आंगन आया सूरज सोने का आज हमने पाया मासूमियत में ओज भरा है आंखों अद्भुत तेज हाथों की मुद्रा से लगता कोई तप तू रहा सहेज तेरह तारीख चार मूलांक दिन का तीन घड़ी सूचकांक जून अंग्रेजी ज्येष्ठ विक्रम कृष्ण पक्ष तेरस वार शनिवार साल छब्बीस संवत दो हजार मेरे घर बजा आज थाल दादू बन मैं हुआ निहाल।।