फाल्गुन है परवान पर युवा थिरक रहे चंग मदहोशी फिजाओं में हर दिल में उमंग महिने के माफिक ही चल रही सियासी जंग कोई चीनी रोबो कुत्ते को बताए स्वदेशी , ज्यों पी हो भंग कोई शंकराचार्यजी को कर रहे बदरंग तो कहीं यूथ विंग का प्रदर्शन अधनंग ।।
एक लेखक का पासवर्ड कोई प्रश्न जो बंटाये ध्यान कोई फोटो जो बढाये मान कोई किताब व उसका "फोरवार्ड " आजकल यही है मेरा पासवर्ड।। # Bhuvnesh Kumar # KBC Question # Memory # Forward# Book # photo # shutterbug
यार मेरा गलगोटिया बिन पैंदे की लुटिया चीनी खोज खुद की बताई लोगों ने औकात सुझाई गलत डीकोडिंग का मंत्र पढ़ लोट जमीन पर जान छुड़ाई ऐसे एआई प्रयोग से एक लोकोक्ति याद आई " धापी तेरी छाछ सूं, गडंकां सूं बस लार छुड़ाई " ।
होरी, धनिया, सीलिया पिसते रहे हर बार तंखा, मालती ,मेहता समझते हैं जमाने की तलवार नोखेराम, पटनेश्वरी खेले भ्रष्टाचार अंताक्षरी राय साहब को फुर्सत नहीं क्या जनता पर गुजर रही फसल ऋण पर ही उगती पकते-पकते ब्याज पर लुट जाय मूल ऋण और लगान पर होरी के प्राण सूख जाय गोदान नाम का भ्रष्टाचार मरने के बाद भी बचा हुआ रह जाय बीस आने भर चुकाते ही धनिया पछाड़ खा निढाल हो जाय मार्मिक लिखी मुंशी प्रेमचंद खेतिहरों की आंखें भर आय।।
हे स्वर्ण केशी लम्बे सफ़र पर शुरू है पेशी। भजले राम सरकारी दफ्तर से निपटा काम। सेवा पेंशन सम्मान से मिलता अच्छा राशन। नया चरण अलग ककहरा धैर्य का वरण। जीवन तेरा जो औरों ने सराहा घर में लगे न्यारा।