गणगौर बड़े उल्लास की
खिलाए ढोकला ओ खीर
ईसरजी कृपा करें
बरसे इस वर्ष क्षीर
महिलाएं ऐसे सजें
ज्यों आकाश की हूर
देख-देख नूर उनका
साजन हों अधीर
यह बसंत का मौसम
जिसमें ठूंठ होते हरे
देख विचरते टोले हूरों के
गलियां दिखें सावन नजारे
लम्बी जुदाई अब त्योंहारों की
देख दिल श्रावण तीज चितारे।।
खिलाए ढोकला ओ खीर
ईसरजी कृपा करें
बरसे इस वर्ष क्षीर
महिलाएं ऐसे सजें
ज्यों आकाश की हूर
देख-देख नूर उनका
साजन हों अधीर
यह बसंत का मौसम
जिसमें ठूंठ होते हरे
देख विचरते टोले हूरों के
गलियां दिखें सावन नजारे
लम्बी जुदाई अब त्योंहारों की
देख दिल श्रावण तीज चितारे।।
Photo Kheer-Dhokla by Bindni
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