Skip to main content

Relaxed life

पहलगाम हादसे से सहमा‌ है देश
कहीं सहानुभूति तो कहीं है रोष
निकलकर बाहर ढूंढा थोड़ा सूकून
अपनी चोपाटी भी थी भीड़ से महरूम।

Comments