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अध्यात्म और व्यवसाय

अध्यात्म को दिल में रख कर
व्यवसाय को बनाये श्रेयकर
ऐसा कुछ सूत्र चाहिए तो मिलो
  दिनेश से बाहें फैलाकर ।।

    ‌     महाकुंभ का समय है और चारों ओर वातावरण अध्यात्ममय  है। कहीं IIT बाबा अभयसिंह के चर्चे तो कहीं अघोरी चंचल नाथ के। दोनों ही हरियाणा से  ताल्लुक रखते हैं ,इसलिए मेरी दिलचस्पी उधर ज्यादा हुई। इस बार तो यूं लगता है हरियाणा खेलों के बाद कुंभ में भी सब पर भारी पड़ रहा है। खैर  आज इसी विषय पर विचार आया। क्यों ना ऐसे व्यक्तित्व का शुक्रिया अदा किया जाए ,जिससे जीवन में कुछ सुकून, कुछ सुधार करने को मिला और जो  अध्यात्म और व्यवसाय में सामंजस्य की मिसाल है।
ऐसा व्यक्तित्व है श्री दिनेश शर्मा इंजीनियर सुपरवाइजर का। जिसके साथ मुझे लगभग 4 साल कार्य करने का सौभाग्य मिला। वह  सरलता, अध्यात्म और त्याग की प्रतिमूर्ति  है ।वायरिंग, ब्रेकर , आइसोलेटर , सीटी , डीसी  सिस्टम रिपेयरिंग और इलेक्ट्रॉनिक आइटम बनाने में उसे महारत हासिल है। काम के प्रति जिम्मेदारी, समय की पाबंदी उसके नैसर्गिक गुण हैं।वह राधास्वामी सत्संग ब्यास का अनुयायी भी है। उससे जीवन को सरल और प्राकृतिक बनाने की प्रेरणा मिली। सच कहूं तो मुझे ब्लोगर भी उसने ही बनाया है।मैं उससे इतना प्रभावित हूं कि कई मौकों पर मैं उसे सार्वजनिक रूप से गुरु कह चुका हूं।  उसकी संगती भी बिजली नौकरी की एक अमूल्य निधि है।


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