राजदार March 17, 2022 इतने बंधनों में जकड़े हैं हमभूल चुके हैं खुद के ग़मत्योहारों में अब कहां सरगमबे जुबां से हो गये हैं हम। बस राजदार अपना यह मोबाइलचलो इसे बता दो अपने मसाइलमहसूस करेंगे तुम्हें उन लफ़्ज़ों मेंबंद जो हैं फर्ज ओ लाज के कब्जों में।। Share Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Share Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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