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Posts

गुलदस्ता

लगन को कांटो की परवाह नहीं होती बनाना लोगों के दिलों में जगह फिर भी आसान नहीं होती बन जाये गर एक बार दिलों में जगह उनकी दुआयें फलीभूत अवश्य होती प्रजातंत्र के इस खूबसूरत तं...

बापू को नमन

बापू आज आपके देश में सत्य , अहिंसा ‌ शरणार्थी है और अहम् के हाथ में लाठी है इसलिए मारे शर्म के अब आपकी मूर्ति के सामने आने की मेरी हिम्मत नहीं जुट पाती है ।।

मोगरी - टमाटर की सब्जी

वैसे तो सर्दियों में कई तरह की सब्जियां आती हैं, लेकिन बहुत सी सब्जियां इस मौसम में बहुत आसानी से और सस्ती मिलती हैं। उन्हीं में से एक है मोगरी(Radish Pods) यानी मूली की फली । कभी रविवा...

खुशबू से

खुशबू का काम है महकाना लोगों का काम है महकना ऐ खुशबू रोज उस राह से गुजरना जिधर रहती है तेरी तृष्णा तेरा नुकसान कुछ ना होना नामुमकिन है खुशबू को पकड़ना पर राह का निश्चित है म...

नई भोर

फिर एक कैलेंडर और बदला काफिला पुराना नई                आशाओं संग फिर निकला मन का मोर फिर करे शोर सांसो की सरगम हुई भावविभोर सर्दी की मस्ती भूली हर गिला                ढूंढ र...

कर्म प्रकाशिनी गीता

रोज साझा करते हैं बातें भौतिकता वाली चलो आज एक दिन करें बातें कर्मों के सार वाली।      जब - जब मिलते हैं      और जो - जो मिलते हैं      बातें सिर्फ करते हैं       'मैं' हूं वाली गीत...

बोर्डर(सीमा)

बोर्डर कहता मुझ पर कभी‌ ठहरना मत वरना होगा विप्लव घर के बॉर्डर नजरें जो ठहरे तब पड़ोसियों में उपद्रव। देश के बोर्डर सेना टिके तब मानवता घुटने टेके राजधानी बॉर्डर किसान ड...