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Showing posts from 2026

Narayan Bareth a well known voice of BBC Hindi " A Tribute"

A tribute to the well known & unique voice of BBC Hindi Service Sh. Narayan Bareth 🙏 I met him personally during the PLF (Literature festival) on 27.01.2019 behind the Bhishma Sahani Manch where he was a moderator on the discussion on " Rajniti ki Thag Vidya" and it felt me quite at home when I talked him about the Rajasthan and specially Ratangarh. It feels me proud to tell that he was also a "Raghunath Vidyalaya Ratangarh alumni like me that was a happy bond between us. Whenever he used to come to Ratangarh area he posted vedios on facebook of the "Holi Gindar of Momasar" and other social activities.  He appreciated my passion of writing poetry and used to share some of my poems frequently. I used to wish him on festivals of Diwali and Holi on the bond of school fraternity,as rural scholar like him and as a writer. His memory was very sharp and he was very quick in response. Holi always remained in his heart specially of "Momasar, Rajaldesar and Gee...

लाडनूं लाडू (लड्डू ) सा हुआ

शादी मुकेश भाकर की पूरे प्रदेश में चर्चा बड़ी उत्सुकता से देख रहे बुड्ढा हो या बच्चा लाडनूं लाडू‌( लड्डू ) सा हुआ संस्कृति और मनोरंजन का मेला नेता,महानेता और पब्लिक का रेला कहीं तेजल सुपर-डुपर कहीं लोकगीतों का रस रंगीला उस पर पंजाबी गायकों का तड़का-भड़का है निराला चारों और उमंग ही उमंग नाचे-गाये संगी-साथी गर्विला वर्षों‌ वर्ष ही याद रहेगा विधायक का विवाह यह अलबेला। Photo courtesy net

खमेनेई ने खम‌ ठोका

खमेनेई ने खम‌ तो ठोका माना जान चली गई प्रभुसत्ता दमन के खिलाफ आवाजें तो मुखर हुई। वीरों की धरती को फिर से सद्दाम के बाद एक  और गौरवान्विती नसीब हुई।। 🙏🙏🙏🙏

Happy birthday Rajeev Nijhawan

O' one of Abhimanyu Bhavan's Abhimanyu I don't know your present avenue I always remember you dressed fine Happy birthday to you with a lot of cake & a carat of wine Be sporty as ever & jolly mind And for others soft & kind During college been a guide, To swim me against every tide I still cherish the memories With icecream &  savouries You achieved your NRI dream I have now full "pateela" fruit cream You might have all good days But come some day back to nation to celebrate happy birth Indian ways

फाल्गुन की रंगत 😀

फाल्गुन है परवान पर युवा थिरक रहे चंग मदहोशी फिजाओं में हर दिल में उमंग महिने के माफिक ही चल रही सियासी जंग कोई चीनी रोबो कुत्ते को बताए स्वदेशी , ज्यों पी हो भंग कोई शंकराचार्यजी को कर रहे बदरंग तो कहीं यूथ विंग का प्रदर्शन अधनंग ।।

पुराने चित्र, पुराने मित्र

कुछ पुराने चित्र, कुछ पुराने मित्र इनसे नायाब नहीं कोई वस्तु इतर जो बिछड़ गये वो छोड़ गये हसीन अफसाना जो मौजूद हैं वो‌ हैं बहुमूल्य खजाना।।

एक लेखक का पासवर्ड

एक लेखक का पासवर्ड  कोई प्रश्न जो बंटाये ध्यान  कोई फोटो जो बढाये मान कोई किताब व उसका "फोरवार्ड " आजकल यही है मेरा पासवर्ड।। # Bhuvnesh Kumar # KBC Question # Memory # Forward# Book # photo # shutterbug

गलगोटिया रोबोडोग

यार मेरा गलगोटिया बिन पैंदे की लुटिया चीनी खोज खुद की बताई लोगों ने औकात सुझाई गलत डीकोडिंग का मंत्र पढ़ लोट जमीन पर जान छुड़ाई ऐसे एआई प्रयोग से एक लोकोक्ति याद आई " धापी तेरी छाछ सूं, गडंकां सूं  बस लार छुड़ाई " ।

पुस्तक समीक्षा : गोदान

होरी, धनिया, सीलिया पिसते रहे हर बार तंखा, मालती ,मेहता समझते हैं जमाने की तलवार नोखेराम, पटनेश्वरी खेले भ्रष्टाचार अंताक्षरी राय साहब को फुर्सत नहीं क्या जनता पर गुजर रही फसल ऋण पर ही उगती पकते-पकते ब्याज पर लुट जाय मूल ऋण और लगान पर होरी के प्राण सूख जाय गोदान नाम का भ्रष्टाचार मरने के बाद भी बचा हुआ रह जाय बीस आने भर चुकाते ही धनिया पछाड़ खा निढाल हो जाय मार्मिक लिखी मुंशी प्रेमचंद खेतिहरों की आंखें भर आय।।

रिटायर्ड लोगों के लिए हाइकु

हे स्वर्ण केशी लम्बे सफ़र पर शुरू है पेशी।  भजले राम सरकारी दफ्तर से  निपटा काम।  सेवा पेंशन सम्मान से मिलता अच्छा राशन।  नया चरण अलग ककहरा धैर्य का वरण।  जीवन तेरा जो औरों ने सराहा घर में लगे न्यारा।

अट्ठारह फरवरी

अट्ठारह फरवरी फोटो में कभी पासपोर्ट में गठिला अन्य आंगन बोगिन बेल रंगीला कभी मेल- मिलाप सजीला।।

Sadhvi Prem Baisa - A Bhesh Ratna

Sadhvi Prem Bai left this material world a fortnight ago. And this news was very viral in media across the nation. I went thoroughly through all the news and vedios available on social media and news channels. For the Saints this world & divine world are not different. They do not care about the life. In Jasnathi Sampradaya there have been thousands of sidhas who took living Samadhis. Sadhvi Prem Baisa's root lied in the Jasnathi family and she has done a tremendous job of Bhagwat Katha Vachan. She was sometimes seen in Jasnathi Jagrana playing 'Manjira' specially I saw her at Mysore's Jasnathi Jagran. She was epitome of grace and devotion. It seems a very late post on her but the reason for this was the police findings which proved on line with her statement that in any Agni Pariksha she would be proved pious. Nobody is immortal except his/her words which inspire the mankind for centuries & on that line Sadhvi Prem Baisa's teaching are covered. Being a Ja...

भोर में टनटन

भानीपुरा के दिनों में खेतों बीच घूमने का आनंद बुकलसर रोड़ पर पशुओं के टोकरों की रुनझुन अब शहर की सड़कों पर रातों में कोलाहल,सुबह सुनापन इतना सा सूकून‌ है सामने के मंदिर में भोर में टनटन।।

Valentine Vibes

विरोधी फना

टी-शर्ट पहचान बनी दाढ़ी से बना दार्शनिक भारत जोड़ो साहसिक रही बहुत ऐतिहासिक हर हार से मजबूत बना अब विरोधी हैं फना।।

जुकरबर्ग मिडिया

मेरा दोस्त कैमरा और जुकरबर्ग मिडिया गये को वापस ला नहीं सकता यादें संजोए शर्तिया।‌।

टेड्डी पर

कभी थे टेडी के चर्चे अब टेडी वाले बने हैं भालू सर्दी के जाते ही निकला ऐपस्टिन वाला गर्म आलू देश चाहे कोई हो सब तरफ एक से चालू बालक -नारियां बीते एकसी चाहे साधवी हो या घरेलू।

मार्क टली

मार्क्स (निशान ) ही रह गये टली चला गया बीबीसी का भारत में स्थायी चेहरा बनकर रह गया चमड़ी सफेद थी पर भारत में घुल गया मिट्टी से लगाव करके इंग्लैंड को भूल गया लेखन और पत्रकारिता में पदम रत्न पा गया रत्नों का यह खजाना कल दिल दुखा गया।। ऊं शांति /RIP

चौथाई शताब्दी

बीत गई प्रथम चौथाई इक्कीसवीं शताब्दी की देख- देख चाल इसकी आंखें रह गई फट्टी सब की कम्प्यूटर आये, आईटी आई आये बहुत ही स्मार्ट फोन मशीनों को करें मशीनें ही नियंत्रित मनुष्य तो रह गया लिपटे हुए फोन रुपया शर्मा रहा देखकर डॉलर दोनों ही डर रहे कि चीन है बोलर पढ़ाई में गुण नहीं बचा कोर्स हो गये चीज खरीदारी की बेरोजगार ढूंढ रहे कोई चाकरी खुद्दारी की मिले कहां ऐसा वातावरण जहां पर्चे बिकते माफिक तरकारी की प्राइवेट में टिक नहीं सकते अब छोटे काम धंधे नुक्कड़ की प्रचूनी गायब बड़े मार्ट में पंहुचते सब होकर अंधे नकदी का व्यवहार बंद‌ सा है यूपीआई से चुकाते हैं बंदे आटा भूल अपनाया डाटा रिश्ते नाते सब हो गये टाटा चौथाई में इतना देख लगता है आधी तक गायब हो जायेगा शायद अरावली का भाटा ।।

एक स्मृति

तीन साल में बदल गये सारे तांगड़-पटिये लेख विधाता लिखते हैं  काहे दोजख रखिये।।

धन्यवाद

कल जन्मदिन पर सैंकड़ों आई शुभकामनाएं सभी ने दिल से भेजी अनन्त मनोकामनाएं जो मिला प्यार वह था बड़ा‌ अनमोल रत्न मैं सहेज कर रखूंगा इसे करके पूरे जत्न रेकर्स ने याद किया किसी ने डिसेंट सोच से, किसी ने लौंडा बोल के बिजली वालों ने याद किया फिर से दिल खोल के चट्ठा साहब ने साहित्य की ओर से भेजा संदेश चासनी इसकी घोल के वकीलों में बिंद्रा साहब ने सुबह ही घनघनाया फोन वाहे गुरु बोल के GLA वालों ने खूब बनाई रेसिपी मेरी केक और पार्टी को साथ तोल के बाकी सब तो बच्चे -बच्चियां हैं कहा हैप्पी बर्थडे अंकल‌ बोल के कशिश दिल में रह गयी रंगा के उस फोन की सबसे पहले जो विश करता था मोहन प्यारे बोल के।।

नये साल का अभिनंदन

सम्मान रखने को एक डायरी काफी है  लिखने को फलसफे बड़ी मुआफिक है।।

मकरसंक्रांति

मकर संक्रांति ने लोहड़ी को भी  समेट लिया अपने आंचल में  खाकर तिल-मूंगफली उसकी चढ़ गये छतों पर पतंगों के जूनून में  दुकानें बंद करके लगे इस व्यापार में  दो-दो साल के बच्चे भी सीटी वाले जूते पहनकर लगे चरखी को लटाने में  लड़कियां बड़ी फुर्ती से पतंगें उड़ाते लगतीं  जैसे स्वयं ही पतंगें हो जिनका संतुलन  मानो किसी का पोनीटेल, किसी का चोटी में  पावर लाईने धागों से फाल्ट हुई पचासों बिजली वाले जुट गये पतंग बनकर हटाने में  रात हुई ड्रोन के माफिक गुब्बारों वाले पतंग  लगे शहर का आकाश सजाने में  नीचे सड़कों पर लोगों ने ऐसी की आतिशबाजी लगा शहर बंट गया है रंग-बिरंगी दीवारों में  बचे लोग नजारे ही देखते रहे दिनभर दबा दांतों तले उंगली  खाना तो बस आज पड़ा रहा अपने बरतनों में  यह शहर है गुलाबीनगर जनाब  रंग तो बसा है इसकी हर धड़कन में आतिशबाजी के शोर से शायद आज परिंदों ने बदल लिये ठिकाने इसीलिए आज उनकी बची रहीं जाने।।

आजमाइश

यह जरूरी तो नहीं हम चाहें वह हो जाये लगे रहिए पूरी लगन से हो जाये चाहा तो अच्छा नहीं तो तब तक विचार बदल जायें तो और भी अच्छा इसे ही राह कहते हैं आजमाना जमाने से पहले खुद को अच्छा है।।

Things can't happen

Things can't happen  Only because you want Their is neither place  for stubbornness  Nor for insistence  If Love or like  borns in both hearts It neither requires words Nor needs saying arts It only happens  When one's heart in another's deepens.

उपयोगिता

बेकार कुछ नहीं होता बस वक्त के साथ थोड़ी उपयोगिता बदल जाती है  कभी कमाता था बापू तो मालिक कहलाता था  लेकिन संरक्षक तो अब भी है  उसी तरह अंडरवियर भी नहाकर सबसे पहले पहना जाता है  खराब होने पर वही सबसे बाद में  जूते साफ करने हेतु याद आता है।

स्वर

कहने से एक सुने स्वर‌‌ से‌ मोहित जग शब्द समझें ना समझें स्वर समझे अबोल।।