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दाल-बाटी चूरमा

भानीपुरा में खाता था जिनके
हाथ की बनी दाल-बाटी चूरमा
लगता था जी रहा हूं जयपुर में
कल मिले जब जयपुर में लगा
चमक है गुलाबी शहर की फिजाओं में
दाल-बाटी चूरमा तो छूट गया गांवों में।।

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