कविता वक्त का रोचक बखान है
कविता हर भाषा की जान है
कविता कल्पना की उड़ान है
तो कवि हृदय का आख्यान है
कविता कभी हरित क्रांति
तो कभी श्वेत क्रांति है
कभी बूटों की दुखान्तिका
कभी कोरोना से आतंकिता है
समय चाहे कैसा भी हो
यह उससे आगे रहती है
क्योंकि दुनिया की हकीकत
कल्पना से ही प्रेरित होती है
कविता में बड़ी भाषाएं सागर हैं
बड़े कवि ज्ञान का पारावार हैं
तो छोटी भाषाएं नदियां हैं
और छोटे कवि उनकी लहरें हैं
जिन के संगीत सुनहरे हैं।।
Comments
Post a Comment