इलेक्ट्रिकल वाले आर के अरोड़ा साहब
हल्की फुलकी जिंदगी सा एक ख्वाब
आम और होशियार दोनों तरह के लिए समान थे
मेजरमेंट और इंस्ट्रूमेंटेशन के सरल नोट्स देते थे
लेक्चर के बीच बीच में हल्का मजाक करते थे
प्रोफेसर के रोब - दाब से कोसों दूर रहते थे
जो भी कहते साफ दिल और नेक नियत से कहते थे
मेजरमेंट पढा कर भी स्वयं की उम्र कम" मेजर" की
कल हम से जुदा होकर, दुख भरी हमें सजा दी
73 साल की उम्र में, करनाल से विदा ली
विधि का विधान है पर हम बहुत उदास हैं
ईश्वर से विनती है आप हमेशा प्रभु चरण के पास हों
रेक के दिनों की तरह आप जहां भी हों
हमेशा प्रसन्नता और उदारता के साथ हों।
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