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इस दीवाली इक दीप जलाएं

इस दीवाली इक दीप जलाएं, जो लक्ष्मी का विकास करे
दीप की ज्योति ऐसी हो, जो भ्रूण लिंग जांच का नाश करे,
लक्ष्मी जब दुनिया में आए चहुं और उल्लास भरे।
 बेटी पराया धन है ऐसा वह कभी ना सुने ,
उसके आगमन पर भी थाली बजे और मंगल हो ,
उसकी मां भी जलवा पूजे और पीला धारण करे।
इस दिवाली इक  दीप जलाएं ,जो लक्ष्मी का विकास करे।।
जब स्कूल जाने की बात हो ,उसको भी तवज्जो मिले,
 उसकी इच्छा अनुसार उसे भी स्कूल जाने का अधिकार मिले ।
समाज , गरीबी के बहाने उसके अवसर कभी ना छीने, 
अगर गरीबी बाधा हो तो भी सामूहिक विवाह एक अवसर चुनें।
पर बाल विवाह एक अभिशाप है कभी ना कोई इसे चुने ।।
ना कोई इस में भागीदार बनें,
 ना कोई कच्ची ना कोई पक्की शादी का बहाना चुनें।
बस सिर्फ और सिर्फ लक्ष्मी  विकास ही पैमाना बने, 
बाल विवाह है बस अत्याचार, इसे ना कोई स्वीकार करे।
 इस दिवाली एक दीप जलाएं, जो लक्ष्मी का विकास करे।।
बाल विवाह रूपी दुशासन , करवाता है नाबालिग पत्नी से रेप,
 सुप्रीम कोर्ट ने इसी बालिका सप्ताह , जिसे दिया है पछाड़  ।
धारा 375  के एक्सेप्शन 2  का, दिया जनाजा  है निकाल ।।
अब  प्यारे अभिभावकों सोचो कितना और करोगे अत्याचार ,
अपनी बेटी प्यारी है इसे पूरा दुलार करें,
 इस दिवाली एक दीप जलायें, जो लक्ष्मी का विकास करे।
मिडिल क्लास भी साइंस, इंजीनियरिंग लड़कों के सब्जेक्ट हैं ऐसा ना सोचें,
 इस फैसले का अधिकार खुद बच्ची को सौंपें,
बहुत हुई झूठी दिलासा ,अब असली मुद्दे को स्वीकार करें,
 इस दिवाली इक  दीप जलाएं ,जो लक्ष्मी का विकास करे।
कोई अभिभावक बोझ समझ, ना बेटी का विवाह करे, 
बेटी है फरिश्ता इस दुनिया में ,यह बात स्वीकार करें।
 इसे ना दोगे पूरा मान,
 तो रहोगे सदा हैरान ,
इसे इतनी लायक बनाएं ,
दहेज दानव इससे चकराए।
 इसे हो खुद पर इतना गुमान,
 यह पार कर सके हर तूफान।
 इसे मिले माता पिता की सेवा का अधिकार,
 अपनी इच्छा से उनसे मिलने का अधिकार।
 बहन- बेटी हैं वरदान,
इनका सदा करो मान,
 यह पौधा है तुलसी का ,
जो  महकाये तुम्हारा मन।।
 इनके अधिकारों पर कभी ना कोई चोट करें,
इस दिवाली इक दीप जलाएं ,जो लक्ष्मी का विकास करे।
 ये हैं कला की मूरत , सृजनशीलता की सूरत,
 ये हैं सीता ,ये हैं राधा ,ये हैं हमारे घर का सार, 
इन्हें न कोई टेस्ट की दरकार, ये हैं परिवार का आधार।
बस इन्हें जीवन के हर क्षेत्र में बराबरी का अधिकार मिले,
 बराबर काम का बराबर पारितोषिक और पहचान पायें।
भोपे,भरड़े और बाबा इनको लाचार समझ शोषण न कर पायें।
अगले जनम मोहे बिटिया ना कीजो, इस व्यथा का निदान करें।
 इस दिवाली इक दीप जलाएं ,जो लक्ष्मी का विकास करे।।
             सुरक्षित और शुभ दीपावली

Comments

  1. Very apt. Need of the hour. The country can't progress with about 50 percent of its population neglected.

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  2. प्रेरणादायक

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