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रंग वही जो बुराइयां ढक दे

लाल, पीले, नीले और हरे
आज कई हैं रंग बिखरे
पर‌ अंतरमन श्वेत बने
और दूसरे रंगों को पहचाने
झूठ, फरेब, और घृणा मिटा
शांति, सत्यता, प्यार रूपी
श्वेत रंग का आश्रय चुने
होली की सार्थकता जानें
और हुड़दंग का नाम ना दें।

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