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Showing posts from September, 2026

अमीरी -गरीबी का समानता

अमीरी और ग़रीबी में एक समानता है और वह यह कि मौत सबको आती है। यह उद्धरण आई.जे. नाहल साहब की पुस्तक गुस्ताखियां से है। नाहल साहब व्यक्तित्व, ज्ञान , लेखन और अभिव्यक्ति की कला की दृष्टि से इस दुनिया के एक अमीर इंसान थे। मेरा उनके घर हिसार जाना-आना पूरे मेरे पांच साल के इंजीनियरिंग कोर्स के दौरान रहा।  अन्तिम बार वर्ष 2019 में मैं एल्यूमनाई गेट-टुगेदर में जाते समय उनसे मिलकर कुरुक्षेत्र गया था। उनका लिखने का क्रम तब भी जारी था। वह एक अच्छे वक्ता थे। उनका स्नेह मुझ पर हमेशा बना रहा। आजकल तो पत्र कोई लिखता नहीं इसलिए मैंने उनके द्वारा 2004-2005 में भेजा गया एक बहुत ही सुन्दर लेखनी वाला पत्र आज भी संभाल कर रखा है। लगभग 93 की उम्र में उनका जाना मेरे लिए एक लेखन के लिए प्रेरणास्रोत का जाना व्यक्तिगत क्षति और दुखद है।  भगवान उनकी आत्मा को सद्गति प्रदान करें और पूरे नाहल परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति दे। उनके द्वारा लिखित कुछ व्यंग्योक्तियां/ उक्तियां साझा कर रहा हूं,जो हमारा मार्गदर्शन करेंगी।